SearchBrowseAboutContactDonate
Page Preview
Page 6
Loading...
Download File
Download File
Page Text
________________ एक भाग्यवान् व्यापारी अर्थात् शाह हरगोविंददास रामजी महान व्यक्तियों के चरित्र संसारमें सभी जगह लिखे जाते हैं, चरित्र यह महान लोगों का रास्ता माना जाता है, उसी के द्वारा हमें जिन-जिन रास्तों से वे चले गये, उनकी जानकारी मिलती है। प्रत्येक व्यक्ति की जिन्दगी एक बहुत बड़े जीने के समान है। बड़े लोगों ने उस जीने की एक-एक सीढ़ी धीरेधीरे कैसे पार की यही हमें उस जीवनी में देखने और अनुभव करने को मिलता है। यदि यह प्रश्न हो कि जीवनी और जिन्दगीका मतलब क्या होता है ? तो आदमी हर दिन जो विचार और बर्ताव करता है, उस क्रिया को हम जीवनी नाम दे सकते हैं। हर आदमी अपनी जिन्दगी बिताता है, इसका अर्थ यह कि वह हर दिन एक तरह का प्रयोग करता है। एक जुलाहा जिस प्रकार धागे को करघे पर डालकर बुनने बैठता है, वही " उद्योगिनः करालम्बं करोति कमलालया (लक्ष्मीः)। अनुद्योगिकरालम्बं करोति कमलाप्रजा (अलक्ष्मी)॥" Shree Sudharmaswami Gyanbhandar-Umara, Surat www.umaragyanbhandar.com
SR No.034819
Book TitleEk Bhagyavan Vyapari arthat Hargovinddas Ramji Shah
Original Sutra AuthorN/A
AuthorShankarrav Karandikar
PublisherBharatiya Vidyabhavan
Publication Year1950
Total Pages46
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari
File Size13 MB
Copyright © Jain Education International. All rights reserved. | Privacy Policy