SearchBrowseAboutContactDonate
Page Preview
Page 84
Loading...
Download File
Download File
Page Text
________________ (७६) श्री सुधर्मगध परीक्षा सुमति गुपति नित धारेारे ॥ पढ्वा० ४ ॥ करम बंध जेथी हुवे, न करे तिसो विवादरें ॥ नवविधि सीले नितु रमे, ए पुरो विधी पादरे ॥ एव०ि ५ ॥ अंग अगियार में जणे, पुरव चज़द विचारेरे || संयमना गुण साधतां वियण पार उतारेरे ॥ एड्वा० ६ ॥ इम अध्ययन पनरमे, साधु तथा गुण दीसेरे ॥ चरणकमल नितु सेदने, श्री ब्रह्मो नमे सुजंगी सरे ॥ एदवा० ७ ॥ इति निष्ठु अध्ययन स्वाध्यायः ॥ ॥ शार्दूलविक्रीडितवृत्तम् ॥ श्री सिद्धार्थनरेंद्र विश्रुतकुल ध्योमप्रवृत्तादयः सद्योषांशु निरस्तस्तरमहामादोभ्धकारस्थितिः ॥ होपकुवादिकौशिक कुलमी तिमलौद दमो जीयादस्खलितमवापंतरणिः श्रीवर्धमानोजिनः ॥ १ ॥ ॥ समाप्तोर्यग्रन्थः ॥ श्रेयसेनूयात् ॥ ॐ शान्तिः ॥ ३ ॥ S Shree Sudharmaswami Gyanbhandar-Umara, Surat www.umaragyanbhandar.com
SR No.034619
Book TitleSudharm Gaccha Pariksha
Original Sutra AuthorN/A
AuthorBramharshi Muni
PublisherRavji Desar
Publication Year1912
Total Pages94
LanguageSanskrit
ClassificationBook_Devnagari
File Size5 MB
Copyright © Jain Education International. All rights reserved. | Privacy Policy