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* “किसी गृहस्थका घर जलता है, उसमें बहुत मनुष्य भरे,
किलबिल किलबिल वे करते हैं, हाय मरे! रे हाय मरे। * पर मत खोलो किंवाड उसका, " ऐसा धर्म मनाया है,
ऐसे तेरापंथ मजबने, जगमें गजब मचाया है।
" गाडा नीचे बच्चा आवे, उसको भी न उठाओ कोई
मरता हो तो मरने दो, चिंता न करो जीन जीना मरना कभी न चाहो" यह सिद्धान्त दिखाया है,
ऐसे तेरापंथ मजबने, जगमें गजब मचाया है।
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* " साधु-संतको किसी दुष्टने आकर फांसी दीनी है,
___ भोगन दो उसको वह अपनी, जैसी करणी कीनी है। ॐ मत खोलो फांसी उसकी तुम, " ऐसा ज्ञान कराया है,
ऐसे तेरापंथ मजबने, जगमें गजब मचाया है ॥
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* “जाडेसे मरते को मत दो, कपडेका टुकडा तुम एक," ) “भूखोंको मत अन्न खिलाओ, ऐसी मनमें रक्खो टेक" ! :) * ऐसी दया प्ररूपी जिसने, क्या क्या नहि दिखलाया है ? * ) ऐसे तेरापंथ मजबने, जगमें गजब मचाया है ।
) "कोई मारे जीव मार्गमें, पैसा दे मत छूडाओ," .000000000000000000000000000
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