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________________ (३)(क) सदरहु लेख तालुकानी नोंधणी कचेरीमां नोधाववा माटे ___ दीक्षा लेनारे रजू करवो; लेख नोंधाववो जोईए, (ख) नोंधणी कामदारे ते लेख उपरनी सही तथा साक्षी खरी होवा बद्दल खात्री करी, ते लेख नोंधी आपवो. (४) आवा दस्तावेजोनी नोंधणी संबंधी जरूर जगाय तेवा नियमो नोंधणी खाताना मुख्य अधिकारी हजूर मंजूरीथो करी शकशे. नियम करवा. ५. संन्यास दीक्षा लेवानी इच्छा राखनारे कलम ४ मां ठराव्या प्रमाणे लेख __ करी नोंधाव्यो छे एवी खात्री कर्या वगर कोईपण लेख कर्यानी खात्री कर्या वगर दीक्षा आपवी नहीं. (क) साधूए, (ख) संन्यासीए अगर (ग) आचार्य संन्यास दीक्षा आपवी नहीं. ६.(क) कलम ३ ना ठराव विरुद्ध अज्ञान सखसने संन्यास दीक्षा आपी हशे ते, तथा कलम ३-४ ना ठराव विरुद्ध आपेली दीक्षा निरर्थक गणाशे, प्रसंग. (ख) कलम ४ ना ठराव प्रमाणे लेख नोंधाव्या शिवाय सज्ञान सखसे संन्यास दीक्षा लीधी हशे ते परिणाम. सर्व कारण माटे निरर्थक गणाशे, एटले के (अ) तेवी दीक्षा अपायला सखसने (१) संप्राप्त थयेला अगर (२) भविष्यमा संप्राप्त थनारा वारसाईना अगर बीजा कोईपण प्रकारना कायदेसर हक्कने बाध आवशे नहीं, तेम (आ) (१) तेना आश्रितोतुं भरणपोषण करवानी अगर (२) बीजी कोई कायदेसर जवाबदारीमाथी ते मुक्त थएलो गणाशे नहीं. . Shree Sudharmaswami Gyanbhandar-Umara, Surat www.umaragyanbhandar.com
SR No.034601
Book TitleSannyas Diksha Pratibandhak Nibandhna Musadda Uper Vichar Karva Nimayeli Samitinu Nivedan
Original Sutra AuthorN/A
AuthorSanyas Diksha Pratibandhak Samiti
PublisherSanyas Diksha Pratibandhak Samiti
Publication Year1932
Total Pages96
LanguageGujarati
ClassificationBook_Gujarati
File Size5 MB
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