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________________ (८२) पत्रीमार्गप्रदीपिका । चंद्रमध्ये बुधांतरं तन्मध्ये विदशा। | चंद्रमध्ये केत्वंतरं सन्मध्ये विदशा। |बु । के । शु | र| चं| में | रा| गु श | के | शु | २ | चं| मं; रा | गु श दु । १२/२९ ३५ २५/१२/२२ १५४५/०३०|३०|४५ |१३| ५ |१०१७/१२ १ २८३९ दि. १५.३०/३०/१५:०/०१५/४५ 2 चंद्रमध्ये सूर्यातरं तन्मध्ये विदशा. चंद्रमध्ये शुक्रांतरं तन्मध्ये विदशा. | शरचं| | रा| गु| शबु | के | | | | . r . d . भौममध्ये भौमांतरं तन्मध्ये विदशा। | भीममध्ये रावरं तन्मध्ये विदशा। | रा| गुश | के । शु। र च रा गु| | | के | शु ०००।११।१।१।० ८|२२|१९/२३/२०/८/२४७ १९५०२२२३३२.. १२/२६/२०१९/२३/२४ ३४३३६/१६/४९ |३४|३०|२१|१५|१२|२४|५१/३३३.५५३० |. .1010/प. so भौममध्ये गुर्वतरं तन्मध्ये विदशा। , भौममध्ये शन्यंतरं तन्मध्ये विदशा। गु| श|5| के | शुर| मं | राश |बु के शुर| मरा . | |४|१०/३१ /१६ 010 भीममध्ये बुधांतरं वन्मध्ये विदशा। | भीममध्ये केत्वंतर तन्मण्ये विदशा। के शुर| मं] रा| शु श के | शु) र) मंरा गुशबु १०१.०.११ .९३३२ ३४ाक्ष ०३० प. भौममध्ये शुक्रांतर तन्मध्ये विदशा। | भीममध्ये सातर तन्मध्य विदशा। घर में रा गु| शबु के रचं मरा गु शके शु ३.३०१९१७/२९२०३३१७ ५११५४९३३ |२३ १७/२६/ १४।३०२११५॥ ६१६४९ १।०३।१।३1 . F १० २६/१९/१७/७२१ दि. 27. .26.1 ००० . . Shree Sudharmaswami Gyanbhandar-Umara, Surat www.umaragyanbhandar.com
SR No.034576
Book TitlePatrimarg Pradipika
Original Sutra AuthorN/A
AuthorMahadev Sharma, Shreenivas Sharma
PublisherKshemraj Krishnadas
Publication Year1851
Total Pages162
LanguageSanskrit
ClassificationBook_Devnagari
File Size27 MB
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