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________________ alo viral '. 352 . . ० रश्मा (६६) पत्रीमार्गप्रदीपिका । शेप ४० । • बचे इनको फिर ६० गुणे किये २४००। ० हुए, इनमें २०० का भाग दिया लब्ध १२ पल आये ऐसे कससे ११ । ०।२४ । ३४ १२ वर्षादि सूर्यकी मध्यायु आयी। इसी प्रकार शेष चंद्रादि ग्रहकी और लमकी वर्षादि आयु जानना-अब इसमें श्लोक ३५के अनुसार सूर्य स्थिरमैत्रीमें शत्रुकी राशिका है इसकारण सूर्यको वर्षादि ११ । । २४ । ३४ । १२ आयुमध्यायुचक्रम् । मेसे अपना तृतीयां (तीन का भाग देके)३।८। म-११ ।२४ । घटाया ७४ १६ । २२ । ४८ सूर्यको स्पष्टायु हुई। चंद्रमा वर्गोत्तमी संस्का है इसकारण श्लोक ३६ के - ३५ अनुसार इसकी आयु ५। रुप/। १७ । ४० । १२ को द्विगुण की ११ । ७ ५।२० । २४ । हुए इनमेंसे श्लो श्लोक ३७ के अनुसार चंद्र ९ नवम स्थानमें स्थित टा-है इसलिये ४ चतुर्थांश || १० हीन करना परंतु ये शुभ यह हैं इस कारण वर्षादि आयुके आठका भाग देके १।५।११ । ५५ । ३ आये हुए अष्टमांशको हीन किया १०। १ । २३ । २५ । २१ ये वर्षादि चंद्रकी स्पष्टायु आयी । भौमके श्लोक ३५। ३६ । ३७ के अनुसार कोई संस्कारका योग नहीं है इसकारण जो मध्यायु१०१०।१४।४९।१२ है यही स्पष्टायु जानना।बुध अस्तका है इसलिये बुधकी आयु ९। २। १९ । ४४ । २४ को आधी करके श्लोक ३६ के अनुसार ये स्वद्रेष्काणका है इसवास्वे दोगुणी की ९।२।१९।१४ । २१ ये बुधकी सष्टायु आयी. वक इम वगान EE • | । ० सप्तमे ६षष्टां ०००००० / ४८] २१ Shree Sudharmaswami Gyanbhandar-Umara, Surat www.umaragyanbhandar.com
SR No.034576
Book TitlePatrimarg Pradipika
Original Sutra AuthorN/A
AuthorMahadev Sharma, Shreenivas Sharma
PublisherKshemraj Krishnadas
Publication Year1851
Total Pages162
LanguageSanskrit
ClassificationBook_Devnagari
File Size27 MB
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