SearchBrowseAboutContactDonate
Page Preview
Page 44
Loading...
Download File
Download File
Page Text
________________ ACKNOWLEDGMENT All that is contained in this book has been excerpted, adapted, or translated into English from a number of authentic Jaina texts. Due care has been taken to conserve the essence of the Holy Scripture composed by the ancient-preceptors (pūrvācārya). Contribution of the following publications in preparation of the present volume is gratefully acknowledged: 1. ग्रंथमाला सम्पादक आ. ने. उपाध्ये, हीरालाल जैन तथा पं. कैलाशचंद्र शास्त्री, सम्पादन पं. बालचन्द्र सिद्धान्तशास्त्री (1980), आचार्य गुणभद्र विरचित आत्मानुशासनम्, जीवराज जैन ग्रंथमाला, ग्रंथ 11, जैन संस्कृति संरक्षक संघ, सोलापुर, तृतीय संस्करण. 2. स्वस्ति टीका एवं हिन्दी व्याख्या मुनि प्रणम्यसागर (2017), आचार्य गुणभद्र स्वामी विरचित आत्मानुशासन, आचार्य अकलंक देव जैन विद्या शोधालय समिति, 109 शिवाजी पार्क, देवास रोड, उज्जैन - 476010, द्वितीय संस्करण. 3. हिन्दी टीका पं. वंशीधर शास्त्री (1916), भगवद्गुणभद्रभदन्तविरचित आत्मानुशासन, जैन ग्रन्थ रत्नाकर कार्यालय, हीराबाग, बम्बई. 4. भाषा वचनिका पं. टोडरमल, संपादन एवं भाषा-परिवर्तन - डॉ. चेतनप्रकाश पाटनी (1988), आचार्यवर्य श्री गुणभद्रस्वामिप्रणीत आत्मानुशासन, श्री दिगम्बर जैन समाज, मारोठ, नागौर, राजस्थान, द्वितीय संस्करण. - 5. भाषा टीकाकार पं टोडरमल, संपादन - सिद्धान्ताचार्य पं. फूलचन्द्र शास्त्री (1983), भदंत गुणभद्रसूरि विरचित आत्मानुशासन, श्री गणेश वर्णी दिगम्बर जैन संस्थान, नरिया, वाराणसी - 5. 6. पद्यानुवाद - आर्यिका अभयमती माताजी (1990), आत्मानुशासन पद्यावली, अखिल भारतीय दिगम्बर जैन महासभा, नंदीश्वर फ्लोर मिल, ऐशबाग, लखनऊ. 7. हिन्दी - अनुवाद व प्रकाशन - ज्ञानचन्द्र जैनी (वि. सं. 1954; 1897 ई.), श्री आत्मानुशासनग्रन्थ श्रीमान् गुणभद्रस्वामि विरचित, बाबू ज्ञानचन्द्र जैनी मालिक दिगम्बर जैन धर्म्म पुस्तकालय, पुरानी अनारकली, लाहौर. 8. अनुवादक - परिचायक पं. जुगलकिशोर मुख्तार 'युगवीर' (1951), श्रीमत्स्वामिसमन्तभद्राचार्यवर्य-प्रणीत युक्त्यनुशासन, वीर सेवा मन्दिर, सरसावा, जिला सहारनपुर, प्रथम संस्करण. 9. हिन्दी अनुवाद आर्यिका सुपार्श्वमती माताजी, संपादन पं. श्यामसुन्दरलाल शास्त्री (1995), महापण्डित आशाधर सागारधर्मामृतम्, भारतवर्षीय अनेकान्त विद्वत (XLIV) - -
SR No.034449
Book TitleAatmanushasan
Original Sutra AuthorN/A
AuthorVijay K Jain
PublisherVikalp Printers
Publication Year2019
Total Pages290
LanguageHindi, Sanskrit, English
ClassificationBook_Devnagari & Book_English
File Size13 MB
Copyright © Jain Education International. All rights reserved. | Privacy Policy