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________________ गाथा गाथा - - ११ १२-२१ मोहनीय कर्म प्रकृतियों के संक्रमस्थानों की सादिअनादि प्ररूपणा मोहनीय कर्म के पतद्ग्रह और अपतद्ग्रह स्थानों का निरूपण मिथ्यात्व गुणस्थान में संक्रमित होने वाली प्रकृतियां और संक्रम का कारण तत्सम्बन्धी प्रारूप सासादन व मिश्र गुणस्थान में संक्रमित होने वाली प्रकृतियां व कारण, तत्सम्बन्धित प्रारूप अविरत आदि अप्रमत्त संयत गुणस्थान पर्यंत संक्रमित होने वाली प्रकृतियां व कारण तत्सम्बन्धी प्रारूप उपशम श्रेणी में औपशमिक सम्यग्दृष्टि के संक्रम व पतद्ग्रह की विधि, तत्सम्बन्धी प्रारूप क्षपक श्रेणी में क्षायिक सम्यग्दृष्टि के संक्रम व पतद्ग्रह की विधि तत्सम्बन्धी प्रारूप मोहनीयकर्म के पतद्ग्रह अपतद्ग्रह स्थान मोहनीय कर्म के पतद्ग्रहस्थानों में संक्रमस्थानों का संकलन सत्ताईस और छब्बीस प्रकृतिक संक्रमस्थान के योग्य पतद्ग्रहस्थान पच्चीस प्रकृतिक संक्रमस्थान के योग्य पतद्ग्रहस्थान तेईस प्रकृतिक संक्रमस्थान के योग्य पतद्ग्रहस्थान बाईस प्रकृतिक संक्रमस्थान के योग्य पतद्ग्रहस्थान इक्कीस प्रकृतिक संक्रमस्थान के योग्य पतद्ग्रहस्थान बीस प्रकृतिक संक्रमस्थान के योग्य पतद्ग्रहस्थान उन्नीस प्रकृतिक संक्रमस्थान के योग्य पतद्ग्रहस्थान [2] १८ ३८
SR No.032438
Book TitleKarm Prakruti Part 02
Original Sutra AuthorN/A
AuthorShivsharmsuri, Acharya Nanesh, Devkumar Jain
PublisherGanesh Smruti Granthmala
Publication Year2002
Total Pages522
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari
File Size39 MB
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