________________
प्राकृत भारती पुष्प 359
कलिकाल सर्वज्ञ श्री हेमचन्द्राचार्य रचित
त्रिषष्टिशलाकापुरुषचरित
[हिन्दी अनुवाद] पर्व : १ भाग : 7
अनुवादिका साध्वी डॉ. सुरेखाश्री
प्रकाशक
प्राकृत भारती अकादमी, जयपुर श्री जैन श्वेताम्बर नाकोड़ा पार्श्वनाथ तीर्थ, मेवानगर