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________________ मैनेनमो नमो निम्मलदंसणस्स दीपरत्नसागर की 555 साहित्य ममा नमो निम्मानमसाला આમવિષય-દર્શત गुराता माम विषय शन/मनुम Print+Net भाषा राती प्रकाशन वर्ष 2000 कुल किताबें → 2, कुल पृष्ठ → 726 नेट पब्लिकेशन्स, साईझ A-4 + A-5 साहित्य कृति क्रम 495 से 496 विवय लZIES भूNिNER [15] माराम विषय हशन Print + Net इस फोल्डर में 2 किताबे है, [1] मारामविषयहर्शन Printed है, [2] समविषयमनुम Net Publicate है | दोनों किताबो में विषयवस्तु एकसमान है, फर्क ये है की एक A-5 साईझ में मुद्रित करवाई है और दूसरी A-4 साईझ में, मल्टीकलरमें कम्पोझ की है | इस कृति में मैंने 45 आगमो की विषद् रूप से अनुक्रमणिका बनाई है, इसमें प्रत्येक आगम के प्रत्येक सूत्र/गाथा के विषयो को उसी आगमो के सूत्र-क्रमांकन अनुसार सुस्पष्ट और पृथक्-पृथक् रूप से दिया है, जिससे कोई भी अपने मनपसंद/आवश्यक या अपने संशोधन/लेखन अनुरूप विषय सरलता से पसंद कर शकता है। यहाँ प्रस्तुत विषयअनुक्रम की भाषा भले ही गुजराती है, मगर आप इस पुस्तककी मदद से हमारे गुजराती, हिन्दी, संस्कृत, प्राकृत या इंग्लिश किसी भी प्रकाशन में जाकर अपना मनपसंद विषय ढुंढ शकते है, क्योंकि सभी प्रकाशनोंमें एकसामान सूत्र-क्रमांकन किया है Total Books 555 [1,00,013 Pages] Muni Deepratnasagar's 555 ||2011 Publications on 03/07/2015
SR No.031006
Book TitleMuni Deepratnasagarji ki 555 Sahitya Krutiya
Original Sutra AuthorN/A
AuthorDipratnasagar, Deepratnasagar
PublisherDeepratnasagar
Publication Year2015
Total Pages40
LanguageHindi
ClassificationPublishers & Catalogue
File Size12 MB
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