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________________ OM नमो नमो निम्मलदसणस्स दीपरत्नसागर की 555 साहित्य आगमसुत्ताणि सटीकं Net भाषा → प्राकृत, संस्कृत प्रकाशन वर्ष 2012 कुल किताबें → 46, कुल पृष्ठ → 13806 नेट पब्लिकेशन्स, साईझ A-5 । साहित्य कृति क्रम 189 से 234 जागामालपण (सटीकं) आचारा सूत्र-सटीक संभार:सम्ममा मुनि दीपरत्नसागर [05] आगम-सुत्ताणि सटीक Net आगम-सुत्ताणि सटीकं' नामसे ये एक संपुट है, जिसमें 45+1 वैकल्पिक आगम मिलाकर 46 आगम सामिल किए है | इन आगमो में 38 आगमो की वृत्ति/चूर्णि के साथ साथ उपलब्ध नियुक्ति एवं भाष्यों को भी स्थान दिया है, 2 आगमो की अवचूरी प्राप्त हुई है, शेष 5 पयन्ना की संस्कृत छाया प्रकाशित करवाई है, महानिशीथ पर कोई भी वृत्ति आदि उपलब्ध न होनेसे उसे मूल-रूपसे रखा है | हमने 30 भागोंमे इसे print करवाया था, वे अब 46 किताबो के रुपमें हमने Net publications में उपलब्ध करवाए है | समग्र विश्वमें 'पुस्तकों' के रुपमे 45 आगम टीका सहित प्राप्त हो ऐसा यह पहेला और एकमात्र प्रकाशन है | मूल-आगम, गुजराती-अनुवाद, हिन्दी-अनुवाद, आगम-सटीकं, इन सभी संपुटो में एक समान सूत्रांक होने से अभ्यासको को अपने पठन-पाठन, खोज-संशोधन आदिमें सूत्रपाठ मिलाने तथा अर्थ या वृत्ति देखने की बहोत सुविधा रहती है ये एक net-publication है जिसे कोई भी फ्री डाउनलोड कर शकता है Total Books 555 [1,00,013 Pages] | Muni Deepratnasagar's 555 [10]] Publications on 03/07/2015
SR No.031006
Book TitleMuni Deepratnasagarji ki 555 Sahitya Krutiya
Original Sutra AuthorN/A
AuthorDipratnasagar, Deepratnasagar
PublisherDeepratnasagar
Publication Year2015
Total Pages40
LanguageHindi
ClassificationPublishers & Catalogue
File Size12 MB
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