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________________ (१९३) नलीने करी एक नीपुरांग थाय. चोराशी लाख नीपुरांगे एकअर्थ नेपुर थाय,अने चोराशी लाख अर्थ नेपुरे करी एक अयुतांग श्राय अने चोराशी लाख अयुतांगेकरी एक अयुत थाय. चोराशी लाख अयुते करी एक प्रयुतांग श्राय अने चोराशी लाख प्रयुतांगे एक प्रयुत श्राय.चोराशी लाख प्रयुते एकचुलीकांग थाय.चोराशी लाख चुलीकांगे एक चुलीका प्राय. चोराशी लाख चुलीकाएकरी एक शीर्ष प्रहेलिकांग थाय.तेने चोराशी लाख गुणा करीए त्यारे शीर्ष प्रहेलीका थाय. ए गुणाकारनो आंक १ए अक्षरनोथाय. ते नीचे प्रमाणे. उपन्श्६२२५३०७३७१०२३११५ ए७३५६एए७५६एधन ६१६६००१७३२५६००००००००००००००००००००००० ००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००० ०००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००० ०००००००००००००००००००००००० आ प्रमाणे अनुयोगक्षार सूत्रनी टीकामां गपेली चोपमीना पाना श्वए मामां ते नपरथी लख्यु . १एच अदरनी संख्या २ एथी अधिक संख्या गणवी मुश्केल पम्याथी वधारे आंक दर्शाव्या नथी पण बीजी रीते संख्या मनमां समजी शकाय. मोढे बोली शकाय नहि. वली वत्तुं नवं समजाय ते सारु बताव्युं ने के एक कुवो चार गाऊ ऊमो, चार गान पहोलो, चार गान लांबो एवो एक कुवो तेमांजुमलीभाना सात दीवसना बालकना नीमाला ते नीमालाएकना असंख्याता ककमा करवा, अने तेवा ककमाए करी आ कुवोनरखो ते एवो सऊम नरवो के ते नीमाला नपरथी चक्रवर्तीनी स्वारी जाय तो पण कुवाना नीमाला दबाय नही, पाणी अंदर प्रवेश न करी शके, एवो सऊम कुवो नरवो; तेमांथी सो सो वर्षे एक एक नीमालो काढवो. एवीरीते सो सो वरसे नीमाला काढवाथी कुवो खाली थाय त्यारे एक पढ़योपमथाय. एवा दश
SR No.023346
Book TitleAdhar Dushan Nivarak
Original Sutra AuthorN/A
AuthorAnopchand Malukchand Sheth
PublisherAnopchand Malukchand Sheth
Publication Year1903
Total Pages232
LanguageGujarati
ClassificationBook_Gujarati
File Size18 MB
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