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________________ Shri Mahavir Jain Aradhana Kendra www.kobatirth.org आशय क के रोग दूर करने वाले भरवतों में फ़सल बावनवीं नाना प्रकार की खांसी और नज़ला और मस्तक पीडा, बंगल पीडा - रीह अर्थात् फेंफडे की पीडाऔर स्वास को दूर करने वाले पारवतों में ॥ फ़सल तिरेपन वीं | १३२ २९ ज्वर के दर करने के पारवतों में ।। फ़सल चौऩनवीं कलेजे और तिल्ली के रोगों को दूर करने वाले भर ९३५ ८ बतों में ॥ फ़सल छप्पनवीं उदर के रोग दूर करने के पारवतों में ॥ Acharya Shri Kailassagarsuri Gyanmandir फ़सल पचपन वीं गुर्दे और मसाने और छिद्र के रोगों के दूर करने वा ९३७ ११ ले पाश्वतों में ॥ फ़सल सत्तावनवीं - कई प्रकार के पारखतों में ॥ फ़सल अठ्ठावनवीं नशीली मदराओं में ॥ पृष्ट पंक्ति १२६ १३१ ६ For Private and Personal Use Only ९३८ १५ १३ २५ | १४३ ३ फ़सल उनसठवीं मूमों में अर्थात् नसवार कि जिसके सूंघने १४५ २९ से रोग दूर होय ।। फ़सलसाठवीं नेत्र रोगों के प्याफों अधीत लम्बी गोलियों में १४६ १४
SR No.020831
Book TitleTibba Ratnakar
Original Sutra AuthorN/A
AuthorKanhaiyalal Munshi, Bansidhar Munshi
PublisherKanhaiyalal Munshi
Publication Year1882
Total Pages292
LanguageSanskrit
ClassificationBook_Devnagari
File Size24 MB
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