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पाटण श्रीहेमचन्द्राचार्य जैन ज्ञानमन्दिरस्थित तपगच्छ जैन ज्ञानभण्डारना हस्तलिखित ग्रन्थोन सूचिपत्र
[८८ पुस्तकनु नाम पत्र भाषा
का
लोकसख्या रचनास, लेखनस. स्थिति लम्बाई-प हो लाई
क्रमाक
१५५९
१५८५
१६७३० औपपातिकोपांग सूत्र १६७३१ औपपातिकोपांग सूत्र १६७३२ औपपातिकोपांग वृत्ति १६७३३ औपपातिकोपांग वृत्ति १६७३४ औपपातिकोपांग अपूर्ण १६७३५ औपपातिकोपांग सूत्र
औपपातिकोपाग सूत्र १६७३७ औपपातिकोपांग सटीक पंचपाठ १६७३८ औपपातिकोपांग सटीक पचपाठ १६७३९ राजप्रश्नीयोपांगसूत्रवृत्ति १६७४० राजप्रश्नीयोपांगसूत्र सटीक-त्रिपाठ १६७४१ राजप्रश्नीयोपांगसूत्र स्तबक १६७४२ राजप्रश्नीयोपांगसूत्र वृत्ति १६७४३ दशवकालिक सूत्र सस्तबक १६७४४ दशवैकालिक सूत्र सस्तबक १६७४५ दशवैकालिक सूत्र सस्तबकरे १६७४६ दशकालिक सूत्र सस्तबक वार्तिक १६७४७ दशवैकालिक सूत्र सस्तबक १६७४८ दशवैकालिक बालासह १६७४९ दशवकालिक बाला०सह १६७५० दशवकालिक बाला० त्रिपाठ १६७५१ वागविधि १६७५२ दशवैकालिकसूत्र सावरि' १६७५३ दशकालिकसूत्र अवचूर्णी १६७५४ दशवेकालिकसूत्र अवचूर्णी १६७५५ दशवकालिकसूत्र सावचूरि पचपाठ १६७५६ दशवेकालिकसूत्र सटीक त्रिपाठ
३४ प्रा०
१३५०
१२६७ सं० अभयदेवसूरि
३१२५ अभयदेवसूरि ३१ प्रा०
११०५
११६७ ८३ प्रा०सं० अभयदेवसूरि
४३०० ." , अभयदेवसूरि ६९ सं० मलयगिरि
३७५० १४४ प्रा०सं वृ० मलयेगिरि
५७७० १०४ प्रा०गु०
स्त०३२६८ ७१ सं० वृ० मलयगिरि
३७०० ४४ पा०गु० मू० शय्यभवसूरि
मू० शय्यभवसूरि मू० शय्यंभत्रसूरि मूल्शय्यभत्रसूरि स्त० राजचंद्रसूरि स्न० १६६७ मू० शय्यंभवसूरि मू० शय्यभवसूरि स्त०राजहंस उपा० ३२७५ मू०शय्यंभवसूरि
३२०० ... मूल्शय्यभवसूरि स्त० उपा०राजहंस ३२७५
ग० ५९ प्रा०स० म० शय्यभवसूरि १३ सं०
जीर्णप्राय १०।। ४ ४| मध्यम १०x४|| जीर्णप्राय १०।। ४४| उत्तम १०1४४|| जार्ण १०|| ४| उत्तम १०11 X४/
१०।। X४।
१०1४ ४ मध्यम १०।। - ४॥ जीर्ण १०।। ४।। उत्तम
१०x४।। जीर्णप्राय उत्तम १०।। X ४|| मध्यम १०x४।। उत्तम
१६९१
जीर्णप्राय ..
मध्यम उत्तम
१६०७
१०x४।। १०। ४४।।
.
जीर्ण उत्तम
१०।। ४
।।
१०।
४।।
२३ प्रा०सं० मू० शय्यंभवसरि ७६ .. मूशय्यभवसूरि
टी० समनिसूरि
३७००
१. पत्र १८ मुडबल छ २. चित्रपूष्टिका सह ३. शब्दार्थ अवचूरि
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