SearchBrowseAboutContactDonate
Page Preview
Page 323
Loading...
Download File
Download File
Page Text
________________ संपर्ण भद्रबाहस्वामी २२९ (पाकाभाभा) पाटण कागळ प्रतोनो भंडार भाभानो पाडो-विमलगच्छ उपाश्रय क्षुल्लकभवावलिकाप्रकरण अवचूरिसह श्रेष्ठ संपूर्ण कागज वि. १६वी (११.७X४.२ पञ्चपाठ क्षुल्लकभवावलिकाप्रकरण धर्मशेखर क्षुल्लकभवावलिकाप्रकरण-अवचूरि विपाकसूत्र... जीर्ण कागज.... सुधर्मास्वामी ग्रं.१३१६ तेणं कालेण तेणं. बृहत्कल्पसूत्र प्रथमखण्ड नियुक्ति मध्यम प्रतिपूर्ण कागज वि.१६०० ३०१ किनारी थोडी उंदरे करडेली..(११.२४४.५) टीकासह बृहत् कल्पसूत्र. - अध्याय ६उद्दे. णो कप्पइ णिग्गन्थाण बृहत् कल्पसूत्र-नियुक्ति भद्रबाहुस्वामी बृहत् कल्पसूत्र-वृत्ति मलयगिरिसूरि, क्षेमकीर्ति सं.,प्रा. . प्रकटीकृतनिःश्रेयसपद क्षेमकीर्तिसूरि बड़े सं. १३३२ मां परिपूरित.. बृहत्कल्पसूत्र तृतीयखण्ड नियुक्ति : मध्यम संपूर्ण कागज वि. १६०८ (११.२४४.२) टीकासह बृहत् कल्पसूत्र भद्रबाहस्वामी प्रा..... अध्याय ६उद्दे ............. णो कप्पइ णिग्गन्थाण बृहत् कल्पसूत्र-नियुक्ति भद्रबाहुस्वामी प्रा. बृहत् कल्पसूत्र-वृत्ति मलयगिरिसूरि, क्षेमकीर्ति सं.प्रा. प्रकटीकृतनिःश्रेयसपद क्षेमकीर्तिसूरि बड़े सं. १३३२ मां परिपूरित. बृहत्कल्पसूत्र द्वितीयखण्ड नियुक्ति- मध्यम संपूर्ण कागज वि. १६०७ :२८६-१(१५४)=२८५ पत्र १५४ नथी,२७८ डबल छे., (११.२४४.५) टीकासह बृहत् कल्पसूत्र भद्रबाहुस्वामी :अध्याय ६उद्दे :णा कप्पइणिग्गन्थाण बृहत् कल्पसूत्र-नियुक्ति भद्रबाहुस्वामी प्रा. बृहत् कल्पसूत्र-वृत्ति मलयगिरिसूरि, क्षेमकीर्ति सं.,प्रा. :प्रकटीकतनिःश्रेयसपद गद्य ...........क्षेमकीर्तिसूरि बड़े सं. १३३२ मा परिपूरित.. कल्पसूत्र जीर्ण संपूर्ण कागज वि.१६वी १०७ (११.२४४.२) :गं. १२८० नमो अरिहन्ताणं... संयुक्त प+ग ७४ दशवैकालिकसूत्र टीका सह . जीर्ण संपूर्ण कागज वि. १६वी......३४. 199X४.५) दशकालिकसूत्र शय्यम्भवसूरि गं. ७०० धम्मो मङ्गलमुक्किट्ठ । संयुक्त प+ग. दशवैकालिकसूत्र-लघुवृत्ति सुमतिसूरि सं. ग्रं.२६५० वि. १२२० जयति विजितान्यतेजाः हारिभद्री बृहदृत्तिना मूल सूत्र व्याख्याभागनो उद्धार. लिङ्गानुशासन स्वोपज्ञवृत्तिसह :श्रेष्ठ संपूर्ण कागज वि. १५४२ :(११.५४४.२) लेखन स्थल: दशपुरनगर हैमलिड़गानुशासन हेमचन्द्रसूरि ..३३८४....... हेमलिङ्गानुशासन-विवरण हेमचन्द्रसूरि सिद्धहेमचन्द्रव्याकर ७६...... नारचन्द्रज्योतिषटिप्पनक संपूर्ण कागज..वि. १५९३.....८ (११.७X४.२ भद्रबाहुस्वामी श्रेष्ठ 306
SR No.018001
Book TitleHastlikhit Granthsuchi Part 1
Original Sutra AuthorN/A
AuthorJambuvijay
PublisherStambhan Parshwanath Jain Trith Anand
Publication Year2005
Total Pages582
LanguageHindi
ClassificationCatalogue & Catalogue
File Size38 MB
Copyright © Jain Education International. All rights reserved. | Privacy Policy