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________________ ' विषय. . पृष्ठ. . . विषय. अधौत आदि तीन प्रकारके वस्त्रोंका. . आचमन करनेकी विधि - सब क्रियाओंमें निषेध । ५६ आंचमनके बारह अंग और अधौत सदृश वस्त्र .. : ५६ पंद्रह क्रियाएं जलमें वस्त्र निचोड़ने और खाटपर आचमनमें हेतु सुखाने का निषेध . . . . ५७ प्राणायाम. वस्त्र सुखानेके स्थान .. . ५७ प्रणव और ओंकारमुद्रा वस्त्र न निचोड़ने और क्षारमें न देने .. प्राणायाम आदिके लिए स्थान. . योग्य दिन ५७ रजस्वला नदियां और शुद्ध नदियां गीलावस्त्र उतारनेकी विधि ५७ रजोदोष का अभाव, एक वस्त्र पहनकर भोजनादि करनेका निषेध ५७ नदी-लक्षण. वस्त्र पहननका क्रम और वस्त्रोंका प्रमाण ५८ दश दर्भ. पहनने और न पहनने योग्य वस्त्र .५८ दर्भ लानेकी तिथि. अधोवस्त्र (धोती) पहननेकी विधि ५८ पूजाके योग्य दर्भ. वर्णक्रमसे वस्त्र परिधारण नियम ५९ कुशोंके आभावमें अन्यदर्भ. पहनेके वस्त्रको ओदने और ओढ़ने सम्पूर्ण धर्म कृत्योंमें कुशोंका के वस्त्रको पहननेका निषेध । ५९ उपयोग, उनके अभावमें दूब दो वस्त्र पहन-ओढ़कर धर्मकार्य निषिद्ध कर्म करनेकी विधि ५९ शूद्रोंसे दर्भखरीदनेका निषेध निर्धनोंके लिए विधि ५९ ग्रहण का निषेध. वस्त्र निचोड़ने की विधि . . ६० पवित्रकका लक्षण सात स्नान ६० पवित्रकके विषयमें विशेष प्रातः स्नान करनेमें असमर्थ हो पवित्रकके भेद. तो विशेष विधि पवित्रक पहननेकी उंगलियां गर्म जलकी प्रशंसा आभूषण पहननेका विधान शीत जलसे स्नान न करनेके प्रसंग ६. और निषेध. उष्ण और गर्मजलको परस्पर मिलानेका संध्याचमन संबंधी मंत्र । निषेध .६० प्राणायाम मंत्र घरपर पांच क्रिया करनेका निषेध .. ६१ अर्षोपासनविधि अंत्यज्यों द्वारा खोदे हुए कुए आदिसे ... बैठने न बैठने योग्य आसन . . . जलभरनेका निषेध . . . . ६१ जप और उसकी विधि . . . ७२ जलनिर्गमन, वस्त्र प्रोक्षण और.. । । । .. जपमालाके भेद · ... .. ७२ वस्त्र धारण करनेके मंत्र ..६१ प्रत्येक जपके लक्षण और . . आचमन करनेकी आवश्यकता . ६२ उनका फल आचमनके विषयमें विशेषकथन . . .६२ जपके विषयमें विशेष कथन .....: ७३ ६० पवित्रक पारी
SR No.010851
Book TitleTraivarnikachar
Original Sutra AuthorN/A
AuthorPannalal Soni
PublisherJain Sahitya Prakashak Samiti
Publication Year
Total Pages438
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari
File Size16 MB
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