________________
220
Language Prakrit
आदि:
अंत:
• कल्लाणलच्छीण विलासगेहं वंदित्तु वीरं वरनाणदेहं । गिन्हामि सम्मं जिणदेसियाई सम्मत्त जुत्ताइं गिहिव्वयाई ॥ १ ॥
Catalogue of Palan-Leaf Mss. in the
Size - 13 X 1. 7 inches
Condition
Good
देवोऽरिहंतो सिवसुक्खकारी गुरू सुसाहू मम बंभयारी | जीवाइततं जिणरायवृत्तं सम्मत्तमेयं गहियं पवित्तं ॥ २ ॥
अंतः --
( 4 )
Follos - II to 12 Language Prakrit
आदि:--
बारसवरिससएसुं० ॥ ३७ ॥ एसो सावगधम्मो पासे सिरि०
पडिवन्नो मुक्खत्थं॰ सड्ढेणं ० ॥ ३८ ॥ सम्मर्द्दसणमूलो वयखंधो गुणविसालसाहालो । गिहिधम्मकप्परुक्खो सिवसुहफलओ लहुं होउ ॥ ३९ ॥ छ ॥
Dvādaśavratagrahanasvarūpaprakarana ( ४ ) द्वादशव्रतग्रहणस्वरूपप्रकरण
Extent - Gäthās 25
Size - 13 X 1. 7 inches Condition - Good
-
नमिऊण महावीरं गिन्हे सम्मत्तमणुवयाईयं । अरिहं देवो साहू गुरुणो तत्तत्थसद्दहणं ॥ १ ॥ थूलगपाणइवायं कन्नायिपभिइगोयर अलियं । थूलमदत्तादाणं दुविहं तिविहेण वज्जेमि ॥ २ ॥
एगूणसट्टे वरिसे भद्दवसियचउदसी इ धम्मो | ससिरिगुरुणा दिन्नो अमुगस्स सड्ढम्स ॥ २५ ॥
Felos - 13 to 14 Language - Praknt
(5) Yasomatiśrāv kādvādaśavratagrahanasvarūpaprakarana (५) यशोमतीश्राविका द्वादशयतप्रहणस्वरूपप्रकरण
Extent - Gäthas 26 Size - 13X1 7 inches Condition Good