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Catalogue of Palm-Leaf Mss in the (14) Samavasarana from Avasyakaniryukti (१४) समवसरण-भावश्यकनियुक्तिगत Folios - 124 to 129
Extent - Gāthás 71. - Language - Prakrit
Size - 13 2 X 2.2 inches Age of MS. - c. first half of the 14th cent V.S Condition - Good
Folios-39-47
No. 127 : (1) Dharmopadesamālāprakarana (१) धर्मोपदेशमालाप्रकरण Folios - 33-39
Extent - Gāthâs 100. Language - Prakrit
Condition - Good आदिः
सिज्झउ मज्झ वि सुयदेवि ! तुज्झ भरणाउ सुंदरा झत्ति ।
धम्मोवएसमाला विमलगुणा जयपडाय व्व ॥ १ ॥ अन्त:
मइभेएण जमाली पुव्वग्गहियंमि हवइ गोविंदो ।
संसग्गि साग-भिक्खू गोट्ठामाहिल अभिनिवेसे ॥ १०० ॥ छ । धम्मोवएसमालापगरणं समत्तं ॥ (2) Mahaviracantra (२) महावीरचरित्र
Extent - Couplets 108 Language - Apabhramba Author - Abhayadevasűri आदि:
ॐ नमो वर्द्धमानाय ॥ वीरजिणेसर वरचरिउ अइसयसयहिं महंतु ।
आयन्निज्जउ कन्नसुहु सुयणहु वन्निजंतु ॥ १ ॥ णासियदोसासंगह अगणियगुणगणह, असुरसुरेसरविंदह वंदह कह जिणह।
उम्मूलेइ अमंगल मंगल कुणइ लहु, सुहसंपय परिपोसइ झोसइ दुहनिवहु ॥ २ ॥ अंतः
इय कल्लाणयकित्तणु किउ वीरह जिणह, पवर जिणेसरसूरिहिं सीसि सुविहियह । अभयदेवसिरिमरि जिणगुणभावियह, होइ पढंतसुणंतह कारणु सिवसुहहं ॥१०८॥ वीरचरियं संमत्तं ॥ छ ।
Condition - Good
No. 128: Folhos - 143 to 156
Dhyanasataka ध्यानशतक
Extent - Gathas 105