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अनंत उपकारी अरिहंत परमात्माने मृत्यु के माध्यम से जीवन का परिचय दिया । जीवन नश्वर है, क्षणभंगूर है । अप्रमत्त अबस्थासे हमें जीवन को संपूर्णतया जागृत करना है। प्रवचन के माध्यम से सुशुप्त आत्मा के ऊपर प्रहार कर के उसे जागृत करना है।
कई जगह पर चौकीदार के तरीके से कुत्ता रखा जाता है। कुत्ता एक वफादार प्राणी है। मालिक की रोटी खाता है और हमेशा मालिक की रक्षा करता है । अगर कोई चोर आ जाय तो कुत्ता भौंकना शुरू करता है, और भौंकता ही रहता हैं, जब तक मालिक जागे नहीं । हम साधू भी समाज के चौकीकार है। समाज से हमारा पोषण होता है। जोवन एक मकान है। इस मकान के मालिक आत्माराम शेट है । विषय विकारादि चोर जीवन रुपी मकान को लुटने के लिए आये हैं । इन चोरों से रक्षण करने के लिए प्रवचन के द्वारा हमें आत्माराम शेठ को जगाना है । अगर एक बार आत्माराम शेठ जागृत हो जाय तो फिर प्रवचन की कोई जरूरत नहीं । जागृत आत्मा स्वयं ही अपना रस्ता निकाल लेती है।
भगवान महावीर समाजवाद के एक महान् पुरस्कर्ता थे । महावीर की नजरों में किसी प्रकार का भेद भाव नहीं था । पापी हो या पुण्यशाली हो उनकी नजरों में सब समान थे। महावीर के
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