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________________ Shri Mahavir Jain Aradhana Kendra www.kobatirth.org Acharya Shri Kailassagarsuri Gyanmandir m :-प्रकाशकीय -: पन्यास प्रवर श्री धरणेन्द्रसागर जी म. सा. द्वारा संकलित व संपादित पुस्तक प्राध्यात्मिक हरियाली का प्रकाशन करके मुझे अपूर्व संतोष व पानंद प्राप्त हुना है। पूर्व में भी अनेक धार्मिक पुस्तके प्रकाशित करने का अवसर मिला है। लेकिन इस पुस्तक को भाषा व लिखने के विशिष्ट तरीके के कारण पुस्तक का महत्व और भी अधिक बढ़ जाता है। ना वैसे तो पुस्तक के प्रकाशन में कोई त्रुटि व अशुद्धिन रहे इसके लिये पूरा प्रयास किया गया है परंतु उसके उपरांत भी कुछ त्रुटि व अशुद्धि का रह जाना स्वाभाविक है । मुझे माशा कि जागरुक व प्रबुद्ध पाठकगण अशुद्धियों को सुधार कर इसका वाचन करेंगे। महाराज श्री को इस पुस्तक के प्रकाशन में मेरे पूरे स्टाफ व विशेष रूप से श्री विजयकुमार जी मोहरणोत, एडवोकेट का सहयोग व प्रयास रहा है। जिसके लिये में उनका विशेष आभारी हूं क्योंकि महाराज श्री की इस पुस्तक के सारे पृष्ठों का पू. फ संशोधन तथा पुस्तक का सुव्यवस्थ रूप इन्होंने किया है। पुस्तक की छपाई व इसके मुखपृष्ठ को अधिकाधिक आकर्षक बनाने का हमारा पूरा प्रयास रहा है। आशा है कि यह पाठकों को अवश्य पसंद नायेगी । श्री प्रिण्टर्स, रावजी की हवेली, नरपतसिंह लोढ़ा कबूतरों का चौक, जोधपुर (राज.) For Private And Personal Use Only
SR No.008508
Book TitleAdhyatmik Hariyali
Original Sutra AuthorN/A
AuthorBuddhisagar
PublisherNarpatsinh Lodha
Publication Year1955
Total Pages87
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari & Spiritual
File Size7 MB
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