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________________ हारेति हाथिया सापेचया भटानामयत्वात् भोषडोमोयरियन्ति प्राविशतो पोडम एवं च पायाना महं समोपवतिला दुपाऽवमोदरिका भिरिति मागोमोयरिमति हावि मत पोटविभागो भई मित्मवं छत पोडशकवतमानाविभागो भवमोदरिकेतुरच्यते पत्तोमोमरियत्ति चतु द्वितीया व मध्यमाम प्राप्तत्वाचतुर्विधम्या कवळे प्राप्तावमोदरिकेतुरच्यते अथवा मामेव माता चाषित या भागाम गप्प मात्तेकवले आहारमा हरे माये श्रोष डोमोपरिभा सोलसक्कुक्लख अंष्ठगप्पमाणमेत्तेकवले आहार माहरेमाणेटुभागपत्तोमो धरिभाष्योस कुछ उम्र गप्प माय मे सेक जेवहार माह मार्गपत्तो मोरिया एकती सकुवु, ठगप्पमाणमेत कवखेवाहारमाहरे माये कि चूयो मोरिया षत्तौस कुछ उचंड गप्पमाण मेन्त कषतेचा हार माहरे मजे केवल एतावता सुखमहिमार एडवा पाठक समेइते हम स्पाहारोकाडियन पोल कवच भाहारी पपे चाइघाटक व ते प्रत्यभा हाराधिवामगर्वतका कुछ टमले यस एतावताचे सुद्धिं सुखमहिमात्र एडवावार क य स से क्या इसे हम इस पार्क प्रमाठेरीजबोदक हियपू वती सम्रववपाचारतोअपेचागार कव खते उपार्थख चोदोजावितो कुठप्रेमाप ववसतावता सुखमुखमहिमाइए ह वा सोसल व सजे व्यइते हम दुभागपुरात बोधाचा रनो परीवार सोंपकवस ते विभागप्राप्त खोद रोषापचे कुटद्यप्रमाण मे कवल एतावता सुमुखमटिमा रहवासीयो सक वह पत्तोमोपरिया बोआप नमध्यभागंमाप्तवाहिनचोस श्रवस पाहारनोची चारच उधोमध वजते विविभागश्वोषपिष्ठमा गनसोधउ तेमास चोदा चंडपमाच बेबस एतावता सई मुमहिं मात्र एटवाएको सवा वसवे ते हनविंधूचकांक योजयोदकठिया व १४
SR No.007378
Book TitleAgam 12 Upang 01 Aupapatik Sutra Shwetambar
Original Sutra AuthorN/A
AuthorRai Dhanpatsinh Bahadur
PublisherRai Dhanpatsinh Bahadur
Publication Year1896
Total Pages466
LanguageSanskrit
ClassificationBook_Devnagari, Agam, Canon, Conduct, & agam_aupapatik
File Size9 MB
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