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________________ मंकाई अणगारे समणस्स भगवओ महावीरस्स तहारूवाणं थेराणं अंतिए समाइयमाइयाई एक्कारस अंगाई अहिज्जइ सेसं जहा- खंदगस्स, गुणरयणं तवोकम्मं सोलसवासांइ परियाओ तहेव विउले सिद्धे । किंक वि एवं चेव जाव विउले सिद्धे । ० छद्वे वग्गे १-२ अज्झयणाणि समत्तानि [] तइयं अज्झयणं- मोग्गरमाणी [] [२७] तेणं कालेणं तेणं समएणं रायगिहे नयरे, गुणसिलए चेइए, सेणिए राया, चेल्लणा देवी, तत्थ णं रायगिहे नयरे अज्जुणए नामं मालागारे परिवसइ अड्ढे जाव अपरिभूए, तस्स णं अज्जुणयस्स मालायरस्स बंधुमई नामं भारिया होत्था - सूमालपाणिपाया, तस्स णं अज्जुणस्स मालायारस्स रायवग्गो-६, अज्झयणं - ३ गिहस्स नयरस्स बहिया एत्थ णं महं एगे पुप्फारामे होत्था - किण्हे जाव निउरूंबभूए दसद्धवण्णकुसुमकुसुमिए पासाईए दरिसणिज्जे अभिरूवे पडिरूवे, तस्स णं पुप्फारामस्स अदूरसामंते एत्थ णं अज्जुणयस्स मालायारस्स अज्जय-पज्जय- पिइपज्जयागए अणेगकुलपुरिस - परंपरागए मोग्गर - पाणियस्स जक्खस्स जक्खयणे होत्था-पोराणे दिव्वे सच्चे जहा - पुन्नभद्दे तत्थ णं मोग्गरपाणिस्स पडिमा एगं महं पलसहस्सणिप्फण्णं अओमयं मोग्गरं गहाय चिट्ठइ । तणं से अज्जुणए मालागारे बालप्पभिदं चेव मोग्गरपाणि- जक्खभत्ते यावि होत्था, कल्लाकल्लिं पच्छियपिडगाई गेण्हइ गेण्हित्ता रायगिहाओ नयराओ पडिणिक्खमइ पडिणिक्खमित्ता जेणेव पुप्फारामे तेणेव उवागच्छइ उवागच्छित्ता पुप्फुच्चयं करेइ करेत्ता अग्गाई वराइं पुप्फाई गहाय जेणेव मोग्गरपाणिस्स जक्खस्स जक्खाययणे तेणेव उवागच्छइ उवागच्छित्ता मोग्गरपाणिस्स जक्खस्स महरिहं पुप्फच्चयणं करेइ करेत्ता जण्णुपायपडिए पणामं करेड़, तओ पच्छा रायमग्गंसि वित्तिं कप्पेमाणे विहरइ I तत्थ णं रायगिहे नरे ललिया नामं गोट्ठी परिवस - अड्ढा जाव अपरिभूत्ता जं कयसुकया यावि होत्था, तए णं रायगिहे नगरे अण्णया कयाइ पमोदे घुट्टे यावि होत्था, तए णं से अज्जुणए मालागारे कल्लं पभूयतराएहिं पुप्फेहिं कज्जं इति कट्टु पच्चूसकालसमयंसि बंधुमईए भारियाए सद्धिं पच्छियपडियाइं गेण्हइ गेण्हित्ता सयाओ गिहाओ पडिणिक्खमइ पडिनिक्खमित्ता रायगिहं नगरं मज्झंमज्झेणं निग्गच्छइ निग्गच्छित्ता जेणेव पुप्फारामे तेणेव उवागच्छइ उवागच्छित्ता बंधुमईए भारियाए सद्धिं पुप्फुच्चयं करेइ । तणं तीसे ललियाए गोट्ठीए छ गोट्ठिल्ला पुरिसा जेणेव मोग्गरपाणिस्स जक्खस्स जक्खायायणे तेणेव उवागया अभिरममाणा चिट्ठति, तए णं से अज्जुणए मालागारे बंधुमईए भारियाए सद्धिं पुप्फुच्चयं करेइ, पत्थियं भरेइ भरेत्ता अग्गाई वराइं पुप्फाई गहाय जेणेव मोग्गरपाणिस्स जक्खस्स जक्खाययणे तेणेव उवागच्छइ, तए णं ते छ गोट्ठिल्ला पुरिसा अज्जुणयं मालागारं बंधुमईए भारिया सद्धिं एज्जमाणं पासंति पासित्ता अण्णमण्णं एवं वयासी- एस णं देवाणुप्पिया! अज्जुणए मालागारं अवओडयं-बंधणयं करेत्ता बंधुमईए भारियाए सद्धिं विउलाई भोगभोगाई भुंजमाणाणं विहरित्तए त्ति कट्टु एयमट्ठे अण्णमण्णस्स पडिसुर्णेति पडिसुणेत्ता कवाडंतरेसु निलुक्कंति निच्चला निप्फंदा तुसिणीया पच्छण्णा चिट्ठति । [दीपरत्नसागर संशोधितः ] [16] [८-अंतगडदसाओ]
SR No.003715
Book TitleAgam 08 Antgaddasao Attham Angsuttam Mulam PDF File
Original Sutra AuthorN/A
AuthorDipratnasagar, Deepratnasagar
PublisherDeepratnasagar
Publication Year2012
Total Pages31
LanguagePrakrit
ClassificationBook_Devnagari, Agam, Canon, Agam 08, & agam_antkrutdasha
File Size2 MB
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