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________________ ८८६ कोदूसा-खंडाभेद कोसागार (कोशागर) ज ३८१ कोसिय (कौशिक) ज ७।१३२।३ सू १०११११ कोसेज्ज (कौशेष) ज ३१२४।३,३७४१,४५।१ १३१॥३ कोह (क्रोध) प१११३४।१; १४१३,५,७,६,११ से १५,१७,२२।२०,२३१६,३५,७० से ७२,१८४ ज २।१६,६६,१३३ उ ३।३४ कोहकसाइ (क्रोधकषाचिन् ) प ३।६८१३।१४, १६; १८।६५; २८।१३३ कोहकसाय (कोधकषाय) प १४।१,२ कोहकसायपरिणाम (क्रोधकषायपरिणाम) प १३।५ कोहकसायि (क्रोधकषाविन्) प ३१६८ कोहणिस्सिया (क्रोधनिश्रिता) प ११॥३४ कोहसंजलना (क्रोधसंज्वलन) प २३।६६,१४० कोहसण्णा (क्रोधसंज्ञा) प ८।१,२ कोहसमुग्घाय (क्रोधसमुद्घात) प ३६।४२,४४ से ५१ ६६,७४,१४७,१६८,२१२,२१३ कोदूसा (कोरदूष?) प ११४५।२ कोद्दव (कोद्रव) प ११४५२ ज २१३७,३।११६ कोद्दाल (दे०) ज २८ कोमल (कोमल) ज २११५; ३।१०६,२८८ उ ३९८ कोमुई (कौमुदी) ज २।१५ कोरंट (कोरण्ट) ज ३।१७८,५१५८ कोरंटय (कोरण्टक) प ११३८।१ ज २।१०; ३।१२,८८ कोरग (कोरक) ज २०१२ कोरव्व (कौरव्य) प १६५ कोरेंटमल्लदाम (कोरण्टमाल्यदामन ) प १७१२७ कोलट्ठिय (कोलास्थिक) सू१०।१२० कोलव (कौलव) ज ७४१२३ से १२५ कोलसुणग (कोलशुनक) प ११६६ ज २१३६,१३६ कोलसुणय (कोलशुनक) प १११२१ कोलसुणिया (कोलशुनिका) प १११२३ कोलालिय (कौलालिक) प १६६ कोलाह (कोलाभ) प १७० कोलाहल (कोलाहल) प २।४१; ज २।१३१ कोस (क्रोश) प ३६।८१ ज १७,३५,३७,४२,५१, ४७,६,१४,१५,२४,३१,३३,३६,३६,४१,४३, ४६,५९,६६,६८,७०,७२,७६,६३,११२,११४, ११५,११६,१२०,१२२,१३४,१३७,१४७, १५३ से १५५,२४२,७।१७७१३,२०७ सू १११४१८।११,१२ कोस (कोष) ज २१६४;३।३,१७५,४।६;७।१७७ उ १२६६,६४,६८ कोसंब (कोशाम्र) प ११३५११ कोसंबी (कौशाम्बी) प ११६३।३ कोसल (कौशल) प ११६३१२ कोसलग (कौशलक) उ १११२७ से १३०,१३२ कोसलिय (कौशलिक) ज २१६३ से ६७,७३ से ८२,८६ से १० खइरसार (खदिरसारक) प १७।१२५ खओवसमिय (क्षायोपशभिक) प ३३।१ खंजण (खञ्जन) प १७।१२३ खंजण (दे०) सू २०१२ राहु का नाम खंजणवण्णाभ (खजनवर्णाभ) सू २०१२ खंड (खण्ड) प १३।२५; १७।१३५, ३३।१३ ज २।१७,६।६।१;६७ उ १।१४,१५,२१ खंडग (खण्डक) ज ४।१७२।१,६७ खंडगप्पवायगुहा (खण्डप्रपातगुफा) ज ३।१५४,१६१ से १६३ खंडप्पवायकूड (खण्डप्रपातकूट) ज १।४१ खंडप्पवायगुहा (खण्डप्रपातगुफा) ज १।२४; ३।१४६,१५०,१५५ से १५७,१५६ से १६१ ४।३५, ६।१६ खंडप्पवायगुहाकूड (खण्डप्रपातगुहाकूट) ज ११३४ खंडय (खण्डक) प १११७४ खंडाभेद (खण्डभेद) प ११७६ Jain Education International For Private & Personal Use Only www.jainelibrary.org
SR No.003555
Book TitleUvangsuttani Part 05
Original Sutra AuthorN/A
AuthorTulsi Acharya, Mahapragna Acharya
PublisherJain Vishva Bharati
Publication Year1989
Total Pages1178
LanguagePrakrit
ClassificationBook_Devnagari, Agam, & Canon
File Size22 MB
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