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________________ उदउले ससिणिद्धे, उदउल्ले ससिणिद्धे, उदए पेालपुते य उदितोदितकुलवंसा उदितोदिष्कुलवंसा उदितोदियकुलवंसा उद्दिकमेणासि पढमं उद्दिट्ठकथं भुंजइ छक्कायउद्दिच्चिय नेगम० उद विरइ परिणमइ उदए सइ जो तेण उदगं खलु नायव्वं कायव्वं उद्गदं सारखं छवियद्द उदगस्स नालिआए भवंति उदगस्स पमावेणं, सुक्कं उदगेण जे सिद्धिमुदाहरति- (सूत्र) ३९४ (सूत्र) ६२ उदयं जइ कम्ममलं हरेज्जा, उदयक्खक्खओवसमो उदयखओवसमो उदयखक्खओवसमी उदयम्मि अट्ठ भणिया उदयम्मि अट्ठ भणिया उदय सरिच्छा पक्खेणऽ उदरिं च पास मूयं च उदहीसरिसनामाणं, उदहीसरिसनामाणं, उदिआ परीसहा सिं निहिस्स उद्देसणुपुव्वीएवुच्चत्थं उसमेतनियओ उद्देसम्म चउत्थे अहिगारो उद्देसम्म चउत्थे वेहाणस उद्देसम्म चउत्थे समासउद्देसम्म य तइए अण्णा उद्देस समुद्दे वाण उद्देससमुद्दे सत्तावीसं उदेसिअं की अगडं, उद्देसियं कीयगई, उद्देसियं कीयगड, उद्देसियं कीयगडं नियागं, उद्देसिय समुदेसियं च उद्देसे निद्देसे निग्गमे खित्त उद्देसे निद्देसे य निग्गमे उद्देसे निद्देसे य निग्गमे उसे निदेसे य निगमे (विशे.) १४९६ उप्पायाइसहावा (उ.नि.) ८६ उप्पायाणंतरओ (ओघ.) ८०७ उप्पायेवि न नाणं जइ (ओष.) ८०८ उप्फलगदुदुवाई य उद्धियनयणं खगमुहविकड्ढि - (त. प.) ११३ उब्भट्ठ परिण्णा अण्णं उन्नंदमाणहिअओ पासाए (उ.नि.) ४११ उब्भामिगा य महिला | उन्निक्खमओ भंगो (विशे.) १२६७ उब्भिण्णे छक्काया दाणे (आ.नि.) ७९३ उभओ नहसटाणा सच्चिता (विशे.) २६४८ (विशे.) २८३३ | उप्पज्जंति वयंति य उमओ निम्मे फासु उभओवि अद्धजोयण उभओ सीससंघाणं, उभयं अणाइनिहणं उभयं अणाइनिहणं संत (विशे.) ७५६ (द.वै.) १५८ (आ.नि.) भा.३५ (आ.नि.) ५३९ (आ.नि.) ३४१ उप्पज्जंति वियंति य उप्पज्जइ नाईयं उप्पज्जइ रिउयाए उप्पण्णं नाइहीलिज्जा, उप्पण्णनाणरयणो तिण्णउप्पण्णम्मि अणंते नट्ठम्मि उप्पण्णम्मि अणंते नाणे | उप्पण्णविगयमीसग - (आ.) १५ उप्पण्णाणुप्पण्णो (उत्त.) १२५७ उप्पत्तिआ वेणइआ, (उत्त.) १२६१ उप्पत्तिमओऽवस्सं (आ.नि.) २३५ उप्पत्ती व पर्य (सम.) ११६ उप्पत्तो निक्खेवो (चन्द्र.) १५ (सूर्य.) ११ (द.नि.) ९९ (सम. ) ८२ उप्पन्नं विगयं वा (सम.) ११९ उप्पन्नभतपाणो अद्धाणम्मि (ओघ.) प्र./ १२ उप्पन्ना उप्पन्ना (दश) ३५८ उप्पत्राणुप्पनं कयाकर्य (विशे.) ३३९१ उप्पन्नाणुप्पन्ना माया (विशे.) १४८६ उप्मन्त्राऽणुप्पन्नो इत्थ (ओघ.) प्र./५ उप्पन्ने उवसग्गे दिव्वे (विशे.) ९९३ उप्पलं परमं वावि, ( आचा. ) १९८ उप्पलं परमं वावि, (आचा.) २५४ उप्पलदलसयवेहे ( आचा.) २१५ उप्पल सालु पलासे कुंभी (सू. नि. ) ४१ उप्पाई नाणमि (आ.नि.) भा. १८३ उप्पाओ पडिवाओ (आ.नि.) १५३४ | उप्माओ विगमो वा (द.वै.) ११४ उप्पाते निमित्ते मंते (सूत्र.) ४५० उप्पायइिभंगस्स० (द.वै.) १८ (उत्त.) ७२७ (पि.नि.) २२९ (आ.नि.) १४० (विशे.) १४८४ (विशे.) ९७३ (अनु.) १३३ | उद्देसो उद्देसी उद्देसण्णो (द.वै.) ९२ (सम.) १४८ उद्देसो गुरुवयणं पुच्छा (विशे.) १२३७ उद्धरियसव्वसल्लो आलो(विशे.) २१७४ उद्धरियस भत(त.प.) ६७ (सू.नि.) १८५ (त.प.) ६६ उ (सूत्र) ३९६ (विशे.) ८०१ (विशे.) ५७५ (विशे.) २०५० उप्पायणाए दोसे (सा) उप्पायपुव्वमग्गेणियं उपायभंगुरा जं गुणा उप्पायभंगुराणं उप्पायविगमपरिणाम उप्पायव्वयधुवया उप्पायस हि जुत्ता ૨૨ उभय जहणणं समओ (दश.) २७५ (विशे.) २८०६ (आ.नि.) ९३८ उभयमुहं रासि दुर्गं उभयव्वावाराओ (विशे.) २८२७ उभयसहावो मिस्सो (आ.नि.) ८८७ उभयस्स चिरविउव्वि(विशे.) २८०५ उभयाइरितमहवा (विशे.) २१७१ उभयावरणाइओ (गणि.) १४ (म.प.) २२३ (आ.नि.) भा. १०५ (महा.) २१ (आ.नि.) ८८८ (म.प.) ५३० (द.वै.) १७३ (द.वै.) १७५ (विशे.) २९९ (भग.) ६६ (विशे.) २८२६ (विशे.) ७५० (विशे.) ७५४ (स्था.) १२५ उभयंतरं जहणणं उभयं भावक्रखरओ (विशे.) ३३७५ (पि.नि.) ५१४ उभयेऽविय पच्छण्णा खंत! उम्मग्गठिए सम्मग्गनासए उम्मग्गठिओ इक्कोऽवि उम्मग्गदेसणाए चरण उम्मग्गदेखणा नाण (मग्ग) उम्मग्गमग्गसंपट्टियाण उम्मग्गसंपयायं मणहत्थं उम्मायं च लभेजा उम्मुंच पासं इह मच्चिएहिं उम्मुकबालभावो कमेण उम्मुक्कमणुमक्के उम्मुचंते उम्मुकमणुम्मुके उम्हासेसोवि सिही होउं उयहीसरिसनामार्ण, उरकंठसिरपसत्थं च उरकंठसिरविसुद्ध च उरगगिरिजलणसागर (सम.) ८ (विशे.) २६६३ उरगगिरिजलणसागरनह(विशे.) २६६१ उरभाउणामगोयं वेयंतो (विशे.) २६४९ उरालं जगतो जोगं, (विशे.) ७५५ उल्लण-दन्तवण- फले (विशे.) २१६७ उल्लीणोल्लीणेहि य हिय (विशे.) २६५२ (विशे.) २३९२ (विशे.) ४२५ (उत्त.) १२८९ (पि.नि.) २८१ (दश.) ८७ (पि.नि.) ३४८ (ओप.) २९ (ओप.) भा. ३८ (इ.नि.) ७४ (उत्त) ८२३ (विशे.) ३३४० (आ.नि.) भा. १०३ (विशे.) ३३३० (विशे.) १७० (विशे.) ३३३५ (ओप.) प्र./२५ (विशे.) ३०५५ (विशे.) ७१६ (विशे.) ३३३७ (पि.नि.) भा. ४ (विशे.) १३४१ (पि.नि.) ४३२ (ग. प.) २९ (ग.प.) ३० (आ.नि.) ११५२ (म.प.) ६५ (ग. प.) ३१ (म.प.) ५०४. (आ.नि.) १४१४ (आ.) ५ (आ.नि.) भा.७८ (आ.नि.) ८२९ (विशे.) २७५० (आ.नि.) १४८४ (उत्त.) १२५९ (स्था.) ६९ (अनु.) ४९ (अनु.) १३१ (दश.) १५७ (उ.नि.) २४६ ( सूत्र ) ८४ (उपा.) ९ (म.प.) १७८
SR No.002421
Book TitleAgam Padyanam Akaradikramen Anukramanika 01
Original Sutra AuthorN/A
AuthorVinayrakshitvijay
PublisherShastra Sandesh Mala
Publication Year2009
Total Pages258
LanguageSanskrit
ClassificationBook_Devnagari & agam_index
File Size13 MB
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