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________________ m २३३ २३५ कथाओं की विषय-सूची १. गवेषणा : कुरंग-दृष्टान्त २. गवेषणा : गज-दृष्टान्त २३० ३. उद्गम : लड्डकप्रियकुमार कथानक • २३१ ४. प्रतिसेवना : चोर-दृष्टान्त २३१ ५. प्रतिश्रवण : राजपुत्र-दृष्टान्त २३२ ६. संवास : पल्ली-दृष्टान्त २३२ ७. अनुमोदना : राजदुष्ट-दृष्टान्त २३३ ८. आधाकर्म : शाल्योदन-दृष्टान्त ९. आधाकर्म : पानक-दृष्टान्त २३५ १०. अतिक्रम आदि दोष : नूपुरपंडिता का कथानक ११. आधाकर्म की अभोज्यता : वमन-दृष्टान्त २३७ १२. अविधिपरिहरण : साधु-दृष्टान्त २३८ १३. आधाकर्म में परिणत : संघभोज्य दृष्टान्त १४. विधि-परिहरण : प्रियंकर क्षपक दृष्टान्त २३९ १५. आज्ञा की आराधना-विराधना : उद्यानद्वय दृष्टान्त १६. अनासक्ति : गोवत्स-दृष्टान्त २४० १७. द्रव्यपूति : गोबर-दृष्टान्त २४१ १८. क्रीतकृत दोष : मंख-दृष्टान्त २४२ १९. लौकिक प्रामित्य : भगिनी-दृष्टान्त २४२ २०. परिवर्तित दोष का लौकिक-दृष्टान्त २१. अभ्याहत दोष : मोदक-दृष्टान्त २२. मालापहृत दोष : भिक्षु-दृष्टान्त २४६ २३. मालापहृत दोष : वसुन्धरा-दृष्टान्त २४. आच्छेद्य दोष : गोपालक-दृष्टान्त २४७ २५. अनिसृष्ट दोष : लड्डुक-दृष्टान्त २४८ २६. धात्रीदोष : संगमसूरि और दत्त कथानक २३८ २४० २४४ २४४ २४९ Jain Education International For Private & Personal Use Only www.jainelibrary.org
SR No.001945
Book TitleAgam 41 Mool 02 Pind Niryukti Sutra
Original Sutra AuthorN/A
AuthorDulahrajmuni
PublisherJain Vishva Bharati
Publication Year2008
Total Pages492
LanguagePrakrit, Sanskrit, Hindi
ClassificationBook_Devnagari, Agam, Canon, Ethics, & agam_pindniryukti
File Size9 MB
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