SearchBrowseAboutContactDonate
Page Preview
Page 209
Loading...
Download File
Download File
Page Text
________________ १७४ महत्त्वपूर्ण प्रकाशन ५१. तीर्थंकर महावीर १०) ५२. संकल्प और साधना के धनी : श्री मरुधर केसरी मिश्रीमल जी महाराज २५) ५३. दशवकालिक सूत्र (पद्यानुवाद) १५) ५४. श्रमणकुलतिलक आचार्य श्री रघुनाथजी महाराज २५) ५५. मिश्री काव्य कल्लोल (कविता-भजन संग्रह) २५) प्रथम तरंग १५) द्वितीय तरंग १०) तृतीय तरंग १०) सम्पर्क करें: श्री मरुधर केसरी साहित्य प्रकाशन समिति पीपलिया बाजार पो० ब्यावर (राजस्थान) ar पंचस ग्रह DD [ भाग १ से १० तक शीघ्र प्रकाशित हो रहे हैं। Jain Education International For Private & Personal Use Only . www.jainelibrary.org
SR No.001901
Book TitlePanchsangraha Part 04
Original Sutra AuthorChandrashi Mahattar
AuthorDevkumar Jain Shastri
PublisherRaghunath Jain Shodh Sansthan Jodhpur
Publication Year1985
Total Pages212
LanguageHindi, Sanskrit
ClassificationBook_Devnagari & Karma
File Size11 MB
Copyright © Jain Education International. All rights reserved. | Privacy Policy